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UP एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती 2026

UP एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती 2026: काउंसलिंग शेड्यूल जारी — 12 जनवरी से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, जानें पूरा टाइम-टेबल 
उत्तर प्रदेश में सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में टीचर्स और प्रिंसिपल पदों के लिए लंबे समय से अटकी भर्ती प्रक्रिया को आखिरकार गति मिल गई है। इस भर्ती से हजारों अभ्यर्थियों की नौकरी की उम्मीदें जुड़ी हैं, जो 2021 की लिखित परीक्षा में सफल रहे थे। चार साल से लंबित इस प्रक्रिया के मुख्य चरण — अनंतिम सूची, काउंसलिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और तैनाती — का विस्तृत शेड्यूल अब जारी कर दिया गया है, और काउंसलिंग 12 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है।

भर्ती की पृष्ठभूमि
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस भर्ती का उद्देश्य प्रदेश के एडेड जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक की रिक्तियों को भरना है। इन पदों पर चयन 2021 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट के आधार पर पहले ही कर लिया गया था, लेकिन कोविड-19, प्रशासनिक देरी और तकनीकी कारणों से नियुक्ति प्रक्रिया में वर्षों की देरी हो गई थी। इस प्रक्रिया में अब हाल ही में काउंसलिंग की समय-सारिणी की घोषणा करके अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नई दिशा दी गई है।

उत्तर प्रदेश जूनियर एडेड टीचर भर्ती में कुल लगभग 1700 पदों के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा, जिसमें सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक दोनों शामिल हैं। यह मेरिट-आधारित भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर है जिन्होंने पहले ही अपने लिखित परीक्षा में सफलता पाई थी।

काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शेड्यूल (12 जनवरी से)

बेसिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ में आयोजित होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को विषय-वार और तारीखों के हिसाब से विभाजित किया गया है ताकि हर श्रेणी के अभ्यर्थी समय पर अपने दस्तावेज़ सत्यापन के लिए उपस्थित हो सकें। अनुसूचित अनुसार शेड्यूल निम्नानुसार है:

तारीख विषय/पद
12–13 जनवरी संस्कृत विषय के सहायक अध्यापक
15–19 जनवरी प्रधानाध्यापक (Headmaster) पद
20–22 जनवरी अंग्रेजी विषय के सहायक अध्यापक
24–29 जनवरी हिंदी विषय के सहायक अध्यापक
30–31 जनवरी सामाजिक विज्ञान विषय (पहला चरण)
02–04 फरवरी सामाजिक विज्ञान (बचा हुआ सत्र)
05–07 फरवरी विज्ञान एवं गणित विषय
09–12 फरवरी विज्ञान एवं गणित (अतिरिक्त/बचे हुए अभ्यर्थी)

 कुल अवधि: 12 जनवरी से 12 फरवरी 2026 तक काउंसलिंग व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्यक्रम निर्धारित है।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में क्या आवश्यक है?

काउंसलिंग प्रक्रिया में मुख्य रूप से निम्न दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा:

शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र (डिग्री, डिप्लोमा)

लिखित परीक्षा का मार्कशीट/मेरिट प्रमाण

जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)

अभिजनक पहचान दस्तावेज़ (Aadhar, Voter ID आदि)

अनुभव प्रमाणपत्र (यदि लागू)

दस्तावेज़ों की सत्यता जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को पद के लिए स्थान/स्कूल चयन (School Preference) देने का मौका मिलेगा तथा आगे नियुक्ति (Posting) की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

महत्वपूर्ण मुद्दे और विवाद

इस काउंसलिंग शेड्यूल के लागू होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं:

➤ क्रमांकन सूची में गड़बड़ी

कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि सामाजिक विज्ञान विषय में 241 से 300 तक के अभ्यर्थियों के लिए काउंसलिंग तिथि सूची में प्रकट नहीं थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि बाद में विभाग ने इसे अपडेट करने और सही तारीखें निर्धारित करने के निर्देश जारी किए।

➤ हाईकोर्ट में चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीति के पालन को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई 12 जनवरी को होने वाली है, जो भर्ती प्रक्रिया पर असर डाल सकती है।

क्या है आगे का रास्ता?

अब जबकि काउंसलिंग कार्यक्रम जारी हो चुका है और 12 जनवरी से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है, अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम अवसर है:

> सभी ज़रूरी दस्तावेज़ समय पर तैयार करें
> काउंसलिंग Center/दिए गए स्लॉट पर समय से पहुँचें
> यदि कोई सूचना मिस हो जाये तो विभागीय वेबसाइट या हेल्पडेस्क से संपर्क रखें

उम्मीद है कि इस कदम के बाद नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और अभ्यर्थियों की यह लम्बी प्रतीक्षा समाप्त होगी।

निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती की काउंसलिंग प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। 12 जनवरी से शुरू हुए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और काउंसलिंग शेड्यूल ने हजारों बेरोज़गार शिक्षण अभ्यर्थियों को आशा दी है कि उनकी नौकरी अब लगभग तय की जा रही है। हालांकि कुछ प्रशासनिक चुनौतियां और न्यायालय में मामलों की पेंडेंसी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन विभाग द्वारा जारी किए गए ठोस टाइम-टेबल से यह भर्ती प्रक्रिया अब अवश्य आगे बढ़ रही है।

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