बिज़नेस क्लास में बदसलूकी: एयर इंडिया फ्लाइट में पेशाब कांड से यात्रियों में आक्रोश
यह घटना हाल ही में एयर इंडिया की दिल्ली से बैंकॉक जा रही उड़ान (बिज़नेस क्लास) में हुई, जो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के चलते चर्चा में छा गई है। इंस्टाग्राम पर 23 वर्षीय यात्री शिवम् राघव ने एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो शेयर किया, जिसमें एक यात्री को कथित तौर पर बाकी यात्रियों पर पेशाब (यूरिनेट) करते हुए देखा गया — और उससे भी ज़्यादा चिंता की बात यह है कि एयरलाइन क्रू की प्रतिक्रिया नगण्य दिखाई दी।
घटना की भरमार और गंभीरता
शिवम् ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने बिज़नेस क्लास में सीट इसलिए ली थी ताकि वे एयर इंडिया का अनुभव उन अनुभवों से तुलना कर सकें जो वे थाई एयरवेज़ के साथ करते हैं। लेकिन, जैसा कि उन्होंने बताया, जो कुछ हुआ वह उनके अनुभव से बहुत दूर था। उन्होंने कहा कि उड़ान का सेवा स्तर स्वीकृत था, परन्तु बिज़नेस क्लास में बैठे एक यात्री का ऐसा आचरण अत्यंत अलौकिक और अस्वीकार्य था। उस यात्री ने अपने कपड़ों को खोला और दूसरे यात्रियों के ऊपर पेशाब कर दिया, एक ऐसा क्षण जिसे कोई भी आम यात्रा में नहीं देखना चाहता।
वीडियो में यह भी दिखाया गया कि कई यात्री क्रू मेंबर्स से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि क्रू ने स्थिति को संभालने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। शालीनता और प्रोफेशनलिज़्म की अपेक्षा होने के बावजूद, क्रू का रवैया शांत और निष्क्रिय दिखाई देता है, जिससे सवाल उठते हैं कि क्या एयरलाइंस ने ऐसी अत्यंत संवेदनशील स्थिति को गंभीरता से लिया।
यात्रियों का अनुभव और चिंता
शिवम् ने पोस्ट में लिखा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद डरावना था, खासकर यह सोचकर कि अगर कोई महिला अकेली यात्रि होती तो उसकी स्थिति कितनी असहज होती। उन्होंने यह भी उठाया कि बिज़नेस क्लास के टिकट पर यात्रियों को लगभग $1,000 (लगभग ₹80,000) देने पड़ते हैं, और वे इस सेवा के स्तर में प्रीमियम व्यवहार की उम्मीद करते हैं — न कि ऐसी शर्मनाक घटना।
वीडियो में एक व्यक्ति क्रू से कहता दिखता है — “यह बिज़नेस क्लास है, एक आदमी ने सच में जमीन पर और लोगों पर पेशाब किया और उन्होंने कुछ नहीं किया।” यह टिप्पणी इस बात को मजबूत करती है कि यात्रियों में मौजूदा स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश और असंतोष है।
एयरलाइन की जवाबदेही पर सवाल
जबकि एयर इंडिया ने अब तक इस विशेष वीडियो या घटना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, पिछले मामलों में अनियंत्रित यात्रियों और कॉकपिट क्रू के बीच असामान्य व्यवहारों को विमानन प्राधिकरणों (जैसे DGCA) के ध्यान में लाया गया है। पूर्व में एक अन्य मामले में जब एक यात्री ने उड़ान में महिला पर पेशाब किया था, तब DGCA ने एयरलाइन की प्रतिक्रिया को गैर-पेशेवर बताया और मामला दर्ज किया गया था।
ऐसे मामलों में सवाल उठते हैं कि क्या एयरलाइंस की सुरक्षा प्रोटोकॉल और क्रू प्रशिक्षण पर्याप्त हैं? क्या विमान में इस तरह के व्यवहार को तुरंत रोकने और प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं? यह न केवल एयर इंडिया के लिए, बल्कि समूचे विमानन उद्योग के लिए एक चिंतास्पद प्रश्न है।
सामाजिक प्रतिक्रियाएँ और आगे की राह
सोशल मीडिया पर इस घटना ने व्यापक प्रतिक्रिया प्राप्त की है। कई लोग इसे “उड़ान में असभ्यता और अराजकता” का उदाहरण कह रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे यात्रियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ का कहना है कि अमेरुभूत या नशे की स्थिति में व्यक्ति का व्यवहार अप्रत्याशित हो सकता है, लेकिन यह विमानन सुरक्षा और सहयात्रियों के आराम के मानकों के अनुरूप नहीं है।
कुल मिलाकर, यह घटना सिर्फ व्यक्तिगत असभ्य व्यवहार नहीं है, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा और सेवा का मुद्दा बन गई है। यात्रियों को यह भरोसा होना चाहिए कि जब वे प्रीमियम टिकट लेते हैं और महंगे उड़ानों में यात्रा करते हैं, तो उन्हें एक संरक्षित, सम्मानजनक और पेशेवर वातावरण मिलेगा — न कि ऐसे असहज और अस्वीकार्य मुकाबले का सामना करना पड़े।
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