Venezuela में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत की पहली प्रतिक्रिया: नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी
वेनेजुएला में हाल ही में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है और कई देश अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। इसी बीच भारत ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि भारत ने सीधे तौर पर इस सैन्य कार्रवाई पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उसने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने वेनेजुएला में रह रहे या वहां जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। इसके साथ ही जो भारतीय पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की हिदायत दी गई है।
क्यों जारी की गई यह एडवाइजरी?
यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो पर ड्रग तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
इस कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति बेहद अस्थिर हो गई है। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में तनाव का माहौल है और भविष्य में हिंसा, विरोध प्रदर्शन या प्रशासनिक अव्यवस्था की आशंका जताई जा रही है। ऐसे हालात में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
भारत की सतर्क और संतुलित नीति
भारत की प्रतिक्रिया से यह साफ होता है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय टकराव में जल्दबाजी में पक्ष लेने से बचता है। भारत ने न तो अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया है और न ही उसका विरोध। इसके बजाय भारत ने एक जिम्मेदार राष्ट्र की तरह अपने नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास, कराकस के संपर्क में रहें। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए दूतावास का आपातकालीन नंबर और ईमेल सक्रिय रखा गया है। मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि लोग स्थानीय घटनाक्रम पर नजर रखें और अफवाहों से दूर रहें।
वेनेजुएला में कितने भारतीय हैं?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वेनेजुएला में भारतीयों की संख्या बहुत अधिक नहीं है। वहां लगभग 50 अनिवासी भारतीय (NRI) और करीब 30 भारतीय मूल के लोग रहते हैं। संख्या कम होने के बावजूद भारत सरकार हर नागरिक की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से ले रही है।
अतीत में भी जब-जब किसी देश में संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है, भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने या हर संभव सहायता प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसी अनुभव के आधार पर यह एडवाइजरी जारी की गई है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर रूस, चीन और कई अन्य देशों ने नाराजगी जताई है। उनका मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। वहीं अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की बहाली और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी थी।
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है, ऐसे में वहां की अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर भी असर डाल सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल भारत की प्राथमिकता बिल्कुल स्पष्ट है—अपने नागरिकों की सुरक्षा। बिना किसी राजनीतिक बयानबाजी के, भारत ने एक व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह देखना बाकी है, लेकिन तब तक भारत ने समय रहते सावधानी बरतते हुए एक जरूरी कदम उठा लिया है।
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